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भिलाई नगर. आत्मा रूपी दीप की ज्योति सदा जगी हुई हो

 

भिलाई नगर. आत्मा रूपी दीप की ज्योति सदा जगी हुई होहमें बहुत मीठा बनना हैकिसी के भी अवगुण नहीं देखने है. भिलाई सेवा केन्द्रों की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी आशा ने दिवाली के उपल्क्ष्य में आयोजित पीस ऑडिटोरियम में कहा. आगे आपने चार चार प्रकार के दीपों के बारे में बताते हुए कहा https://www.cialissansordonnancefr24.com/ कि पहला स्थूल दीपक है जो बाहार के अंधकार को मिटाता है. दूसरा  कुल का दीपक  होता है तीसरा आशाओं का दीपक है और सबसे महत्वपूर्ण है आत्मा का दीपक जो हमारे अंतर के अंधकार को मिटाता है. इस आत्मा के दीपक को प्रकाशित करना ही सच्ची दिवाली मानना है. इससे  विश्व में शांति और आपसी प्रेम बढ़े।