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राजीखुशी वेबसाइट पर आपका स्वागत है!

 

 

 

 

 

 

 

 

   म सब की तलाश है... खुशी। आनंद, प्रसन्नता का भी मतलब यही है। इसे अंग्रेजी में कहें या उर्दू में या किसी अन्य भाषा में। गांव हो या शहर, भारत हो या कोई और देश। तलाश सब जगह, सबकी, सब समय यही है... खुशी। राजी खुशी पूछताछ का एक ऐसा मुहावरा है... जो सदियों से अपनों की खैर खबर चाहता और मांगता रहा है। राजी खुशी इसी तलाश का एक नाम है।

 

राजी खुशी है तो एक पत्रिका... हर माह हिन्दी में प्रकाशित। पर सच पूछें तो यह एक प्रयास, एक पहल है दु:ख, तनाव, हताशा, असफलता और क्रोध या नाराजी को परास्त कर उस पर विजय पाने की। यह प्रयास है उन लोगों से रूबरू होने का जो उन तमाम तकलीफों से गुजरे हैं जो किसी के भी जीवन में आती तो जरूर है पर उन पर विजय पाने में वे कामयाब हुए हैं। यह जीवन को उसके सभी रंगों में डूबने की नहीं वरन् उन्हें जानने-समझने और सरल-सहज ढंग से जीने की कला को बताने का प्रयास है।

 

यह सफलता, किसी भी कीमत पर पाने या बताने के लिए नहीं है। न ही स्पर्धा या अनैतिक के साथ मानवीय मूल्यों को ताक में रखकर विजय पाने का उपाय बताने के लिए है। यह दुनिया भर में राजी खुशी सफल हुए लोगों के विचार और अनुभवों, सारभूत वैश्विक मूल्यों, निसर्ग की अप्रतिम उपलब्धियों, नेकदिलों, नेकनामियों और मूल्य-धारित समाज, सुखी, समृद्ध समाज की रचना के लिए प्रयत्नरत प्रेरणाओं को जानने और अपनाने के लिए एक अनोखी रचनात्मक पहल है। टैगोर के शब्दों में उन्नत भाल और तनी रीढ़ के मनुष्य के सपने को जमीन पर उतारने का प्रयास है।

 

राजी खुशी के  इस प्रयास में भागीदार बनते हुए राजी खुशी रहें - राजी ख़ुशी रखें

 

 
 राजीखुशी अंक  
   
राज़ी खुशी मई २०१४ राजीखुशी अप्रैल २०१४ राजीखुशी मार्च २०१४

 

 

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